Jharkhand News: हजारीबाग में गोवंश तस्करी का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मवेशियों को हजारीबाग की गौशाला लाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। जब सुबह कंटेनर से मवेशियों को उतारा गया तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी और गौशाला कर्मचारी इस दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गए। पहली बार देखा गया कि एक ही ट्रक में मवेशियों को बकरियों की तरह दो तल बनाकर रस्सियों से कसकर बांध कर लोड किया गया था। इस तरह की यातना और भीषण भीड़ के कारण कई मवेशियों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। बताया जा रहा है कि हर बुधवार और गुरुवार को बड़े पैमाने पर गोवंशों को गोकशी के उद्देश्य से इसी मार्ग से ले जाया जाता है। चोरदाहा से लेकर चौपारण बरही बरकट्ठा और गोरहर थाना क्षेत्र पार करते हुए वाहन आसानी से गुजर जाते हैं। इससे हजारीबाग पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो महीने पहले भी इसी तरह गोवंश लदे वाहन पकड़े गए थे लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस वजह से तस्करों का मनोबल बढ़ गया और वे लगातार अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं।
घटना के बाद बगोदर थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वही मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि उनकी मौत के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता की कमी के कारण इस तरह की घटनाएं आम हो गई हैं। इलाके में लोग इस घटना को लेकर आक्रोशित हैं और उन्होंने कहा कि गोवंश तस्करी पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।
हजारीबाग के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था बनाई जाए। लोग चाहते हैं कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाए और ऐसे लोगों को कानून के अनुसार दंडित किया जाए। वहीं गौशाला और स्थानीय संस्थाएं भी तस्करी रोकने के लिए सतत प्रयास कर रही हैं ताकि गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस घटना ने न केवल हजारीबाग में बल्कि पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

