Jharkhand शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शशि रंजन ने जिलों में चल रहे बाल पंजीकरण सर्वे की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई है। मंगलवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल पंजीकरण सर्वे में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह सर्वे दाहर 2.0 पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है लेकिन कई जिलों में इसकी रफ्तार बेहद धीमी है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि नगर निकाय चुनावों की घोषणा कभी भी हो सकती है और उससे पहले हर हाल में सभी जिलों में यह सर्वे पूरा होना चाहिए। निदेशक ने कहा कि यह कार्य बच्चों की शिक्षा योजना से सीधे जुड़ा है और इसमें देरी का असर भविष्य की योजनाओं पर पड़ेगा।
छात्रों की पढ़ाई और निरंतर मूल्यांकन पर जोर
बैठक के दौरान शशि रंजन ने आने वाली बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए छात्रों की शैक्षणिक तैयारी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पढ़ने वाले छात्रों के लिए प्री बोर्ड 1 और प्री बोर्ड 2 के परिणामों के आधार पर विशेष रेमेडियल क्लासेज आयोजित की जाएं। इन कक्षाओं का उद्देश्य कमजोर विषयों में छात्रों को अतिरिक्त सहयोग देना है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि छात्रों की प्रगति का निरंतर मूल्यांकन किया जाए ताकि समय रहते कमियों को दूर किया जा सके। निदेशक ने कहा कि केवल परीक्षा पास कराना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए बल्कि छात्रों की समझ और आत्मविश्वास को भी मजबूत किया जाना चाहिए।
मानदेय भुगतान और सत्यापन कार्य में तेजी
राज्य परियोजना निदेशक ने पैरा शिक्षकों ब्लॉक रिसोर्स पर्सन और क्लस्टर रिसोर्स पर्सन से जुड़े मानदेय भुगतान के मामलों को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बजट सत्र से पहले इन सभी का मानदेय भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने बताया कि बीआरपी और सीआरपी के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कार्य पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन कई जिलों में यह अब तक लंबित है। उन्होंने ऐसे जिलों को एक या दो दिन के भीतर सत्यापन कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। शशि रंजन ने साफ कहा कि इस तरह की देरी प्रशासनिक लापरवाही मानी जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
डेडलाइन तय और कार्रवाई की चेतावनी
बैठक में यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि जो जिला शिक्षा पदाधिकारी 27 जनवरी तक बाल पंजीकरण सर्वे और अन्य लंबित कार्य पूरे नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी जिलों को समय पर नामांकन प्रक्रिया शुरू करने और मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा आवासीय विद्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटरों और शिक्षकों की नियुक्ति की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि नव नियुक्त सहायक शिक्षकों का पंजीकरण ई विद्या वाहिनी पोर्टल पर जल्द से जल्द किया जाए ताकि शैक्षणिक कार्य सुचारू रूप से चल सके।

