Jharkhand की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित शालीमार बाजार से सामने आई एक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ लोग एक बेजुबान कुत्ते को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। कुत्ते को ईंटों और डंडों से लगातार मारा जा रहा है। इस अमानवीय हमले में कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई लेकिन इसके बावजूद भी हमलावर नहीं रुके। वीडियो में दिखाई देता है कि कुत्ते के मर जाने के बाद भी उस पर लगातार वार किए जाते रहे। पीछे खड़े लोग हंसते नजर आ रहे हैं जो उनकी क्रूर मानसिकता को उजागर करता है। यह दृश्य इतना भयावह है कि इसे देखकर किसी भी संवेदनशील इंसान का दिल कांप उठे।
वीडियो वायरल होने के बाद शिकायत और पुलिस की भूमिका
वीडियो सामने आने के बाद कई सामाजिक संगठनों और पशु प्रेमियों ने धुर्वा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं के अनुसार इस जघन्य घटना में सात से आठ लोग शामिल थे जिनमें एक महिला भी थी। एक महिला का इस तरह की बर्बरता में शामिल होना लोगों को और अधिक हैरान कर रहा है। एक महिला शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वीडियो दिखाने के बाद भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने में लगभग एक घंटा लगा दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में तो लिया लेकिन उन्हें थाने में बैठाकर चाय और कॉफी पिलाई गई। इस रवैये से पीड़ितों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस को बेहद संवेदनशील और सख्त होना चाहिए।
महिला पर गंभीर आरोप और परवरिश पर सवाल
एक अन्य शिकायतकर्ता ने इस घटना को समाज की गिरती संवेदनशीलता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग बेजुबान जानवरों को निर्जीव समझ लेते हैं और उनके दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं। इस मामले में एक महिला पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार वही महिला अपने पाले हुए कुत्ते को खंभे से बांधती है और फिर अपने बच्चों को उकसाती है कि वे उसे मारें। इस आरोप ने समाज में परवरिश और संस्कारों पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बच्चों को हिंसा के लिए उकसाना न केवल अपराध है बल्कि उनके मानसिक विकास के लिए भी बेहद खतरनाक है। लोगों का कहना है कि ऐसी सोच भविष्य में और अधिक हिंसक समाज को जन्म दे सकती है।
कानूनी कार्रवाई मानवता और समाज के लिए जरूरी
एनिमल एक्टिविस्ट्स ने बताया कि इस मामले में मेनिका गांधी का भी सहयोग मिला है। उन्होंने पुलिस से बात की और शिकायत की एक प्रति भी मंगवाई है। आरोपियों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है जिसमें पशुओं के साथ क्रूरता करने पर सजा का प्रावधान है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और कड़ी से कड़ी सजा की मांग की जा रही है। यह घटना मानवता पर गहरा सवाल खड़ा करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हिंसा करने वाले लोगों को काउंसलिंग की जरूरत होती है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को हिरासत में लिया गया है लेकिन अब समाज की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या दोषियों को सच में सख्त सजा मिल पाएगी।

