Jharkhand Government Department : मानव संपदा पोर्टल पर पंजीकरण में कई विभाग पीछे, गृह विभाग सबसे बड़ा महकमा
Jharkhand Government Department : झारखंड सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों का आंकड़ा जारी किया है। राज्य में फिलहाल 1.95 लाख से अधिक कर्मचारी सरकारी तंत्र को चला रहे हैं। गृह विभाग सबसे बड़ा महकमा बनकर सामने आया है, जबकि कई विभागों में मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों का पंजीकरण अब भी अधूरा है।
Jharkhand सरकार के विभिन्न विभागों में इस समय 1.95 लाख से अधिक अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में यह सामने आया है कि राज्य की कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण और सामाजिक सुरक्षा जैसी अहम जिम्मेदारियां इन्हीं कर्मचारियों के कंधों पर टिकी हुई हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार सबसे बड़ा महकमा गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग है। इस विभाग में कुल 70,148 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। हालांकि इनमें से 69,652 कर्मचारी ही अब तक मानव संपदा पोर्टल पर पूरी तरह पंजीकृत हो पाए हैं। राज्य की सुरक्षा, थानों और जेलों की जिम्मेदारी इसी विभाग के पास है।
स्वास्थ्य विभाग में 11 हजार से अधिक कर्मचारी
राज्य के अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों को संचालित करने वाले स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग में कुल 11,015 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से केवल 8,421 कर्मचारियों का डेटा मानव संपदा पोर्टल पर पूरी तरह अपडेट है।
सरकार के लिए यह चिंता का विषय माना जा रहा है कि कई विभागों में कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इससे प्रशासनिक कार्यों और पारदर्शिता पर असर पड़ सकता है।
कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की अहम भूमिका
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग में भी हजारों कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। कृषि प्रभाग में 2,870 कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन इनमें से केवल 834 कर्मचारी ही पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। वहीं सहकारिता और पशुपालन प्रभाग में भी बड़ी संख्या में कर्मी कार्यरत हैं।
ग्रामीण विकास विभाग, जो गांवों में विकास योजनाओं और मनरेगा जैसे कार्यक्रमों को लागू करता है, वहां 4,211 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 1,936 कर्मचारी ही पोर्टल पर एक्टिव दिखाई दे रहे हैं।
सड़क, भवन और उद्योग विभाग में भी हजारों कर्मी
राज्य में सड़क निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने वाले पथ निर्माण विभाग में 6,985 अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं। लेकिन इनमें से केवल 2,352 कर्मियों का ही पूर्ण पंजीकरण हो सका है।
भवन निर्माण विभाग में 2,517 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि उद्योग विभाग में 733 अधिकारी और कर्मचारी राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में जुटे हैं।
महिला और सामाजिक सुरक्षा विभाग की बड़ी जिम्मेदारी
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग में कुल 7,842 कर्मचारी कार्यरत हैं। यह विभाग आंगनबाड़ी, महिला कल्याण और पेंशन योजनाओं का संचालन करता है। लेकिन यहां केवल 1,472 कर्मचारियों का डेटा मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग में 3,465 कर्मचारी राशन और जनवितरण प्रणाली को संभाल रहे हैं। वहीं अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में 2,019 कर्मचारी कार्यरत हैं।
सचिवालय और आयोगों में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी
राज्य के प्रशासनिक ढांचे को संचालित करने वाले कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग में 2,993 कर्मचारी कार्यरत हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री सचिवालय में 192, राज्यपाल सचिवालय में 442 और झारखंड विधानसभा सचिवालय में 148 स्थायी और अस्थायी कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।
Jharkhand Public Service Commission यानी झारखंड लोक सेवा आयोग में 108 कर्मचारी तैनात हैं, जबकि Jharkhand Staff Selection Commission में 56 कर्मचारी कार्यरत हैं।
डिजिटल झारखंड के लिए सिर्फ 17 कर्मचारी
सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग में केवल 17 कर्मचारी कार्यरत हैं। डिजिटल झारखंड का सपना साकार करने की जिम्मेदारी इसी विभाग पर है। इतने कम कर्मचारियों की संख्या को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ऊर्जा विभाग में 180 कर्मचारी, परिवहन विभाग में 118 और विधि विभाग में 391 अधिकारी-कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
जिला उपायुक्त कार्यालयों में भी बड़ी संख्या में कर्मी
जिला स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था संभालने वाले डीसी ऑफिसों में भी हजारों कर्मचारी तैनात हैं।
Ranchi डीसी ऑफिस में सबसे अधिक 2,218 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बाद Giridih डीसी ऑफिस में 823, Deoghar में 734 और Dhanbad में 681 कर्मचारी कार्यरत हैं।
इसके अलावा Bokaro में 556, Dumka में 513, Palamu में 489 और East Singhbhum में 626 कर्मचारी तैनात हैं।
मानव संपदा पोर्टल पर अधूरा डेटा बना चुनौती
सरकारी आंकड़ों से साफ है कि कई विभागों में कर्मचारियों का डेटा अभी तक पूरी तरह अपडेट नहीं हो पाया है। मानव संपदा पोर्टल पर अधूरा पंजीकरण प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सभी विभागों के कर्मचारियों का रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल हो जाए तो नियुक्ति, वेतन, स्थानांतरण और सेवा संबंधी प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता लाई जा सकती है।
