Ayushman Bharat Scheme : आयुष्मान भारत योजना में झारखंड देश में अव्वल, रांची सदर अस्पताल बना रोल मॉडल
Ayushman Bharat Scheme : आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में झारखंड ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। पुणे में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर में राज्य को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया, वहीं रांची का सदर अस्पताल देश के लिए मॉडल बनकर उभरा है।
झारखंड ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सफल और प्रभावी क्रियान्वयन में झारखंड ने बड़े राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण भी बन गई है।
यह सम्मान पुणे में आयोजित दो दिवसीय (17-18 अप्रैल) राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दौरान दिया गया, जहां झारखंड को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अवार्ड प्रदान किया गया। इस शिविर में देशभर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए थे, जहां विभिन्न राज्यों के कार्यों की समीक्षा की गई। झारखंड ने गुणवत्ता पूर्ण दावों के निष्पादन, पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के आधार पर यह स्थान हासिल किया।
इस उपलब्धि के पीछे राज्य सरकार की योजनाबद्ध रणनीति, स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और जमीनी स्तर पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत का बड़ा योगदान है। आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य को झारखंड ने पूरी निष्ठा के साथ लागू किया है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सफलता निरंतर मेहनत, प्रतिबद्धता और टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने कहा कि झारखंड ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर प्रबंधन और ईमानदारी से काम किया जाए तो बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
मंत्री ने विशेष रूप से रांची के सदर अस्पताल की सराहना करते हुए कहा कि यह अस्पताल आज पूरे देश में आयुष्मान भारत योजना के तहत नंबर-वन बन गया है। उन्होंने इसे एक आदर्श मॉडल बताते हुए कहा कि अन्य राज्यों को भी इससे सीख लेने की आवश्यकता है। सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं, त्वरित इलाज और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है, जो इसे खास बनाती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि यह सम्मान न केवल झारखंड का गौरव बढ़ाता है, बल्कि राज्य के डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के मनोबल को भी नई ऊर्जा देता है। उन्होंने पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी और भविष्य में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जताई।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने भी इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त करना हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, पारदर्शिता और टीमवर्क का परिणाम है।
उन्होंने झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी की टीम, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में झारखंड स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में और भी बेहतर प्रदर्शन करेगा।
इस चिंतन शिविर में झारखंड का प्रतिनिधित्व झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन, पदाधिकारी सीमा सिंह, वैभव राय, डॉ. अखिलेश कुमार झा और आशीष रंजन ने किया। इन सभी ने मिलकर राज्य की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया और अवार्ड ग्रहण किया।
झारखंड की यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए एक बड़ी सफलता है, बल्कि यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। यह दिखाता है कि सही दिशा में प्रयास और मजबूत इच्छाशक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाया जा सकता है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत झारखंड ने जिस तरह से पारदर्शिता, गुणवत्ता और सेवा को प्राथमिकता दी है, वह आने वाले समय में देश की स्वास्थ्य नीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।
