Jharkhand: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत झारखंड सरकार ने अब राशन कार्डधारियों के लिए सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि हर लाभुक का आधार आधारित ई केवाईसी अनिवार्य रूप से कराया जाए। इस फैसले का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना और वर्षों से चल रही गड़बड़ियों पर रोक लगाना है। सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से फर्जी और अपात्र लाभुकों की पहचान आसानी से हो सकेगी और सही जरूरतमंद लोगों तक ही राशन पहुंच पाएगा।
तीन महीने का अंतिम मौका और तय समय सीमा
सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक सख्त समय सीमा तय की है। अप्रैल से जून 2026 तक तीन चरणों में ई केवाईसी का काम पूरा किया जाएगा। 30 अप्रैल तक पहला चरण पूरा करना होगा जबकि 31 मई तक दूसरा चरण खत्म किया जाएगा। इसके बाद 30 जून को अंतिम मौका माना जाएगा। यानी तीन महीने के भीतर हर राशन कार्डधारी को हर हाल में अपना सत्यापन कराना होगा। तय समय सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं करने वालों के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं जिससे उन्हें राशन मिलने में परेशानी हो सकती है।
डोर टू डोर अभियान लेकिन चुनौतियां बरकरार
सरकार ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए राशन डीलर प्रज्ञा केंद्र और तकनीकी एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है। डोर टू डोर अभियान चलाकर लोगों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए। हालांकि जमीनी स्तर पर कई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। खासकर दूरदराज के इलाकों में नेटवर्क की समस्या तकनीकी खामियां और जागरूकता की कमी इस प्रक्रिया को मुश्किल बना सकती है। पलामू जैसे जिलों में पहले भी ऑनलाइन प्रक्रियाओं को लेकर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है जिससे इस अभियान की सफलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सख्ती के बीच गरीबों के लिए बढ़ी चिंता
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन को इसकी पूरी जिम्मेदारी दी गई है। इस कदम से फर्जी और डुप्लीकेट नामों को हटाने में मदद मिलेगी लेकिन इसके साथ ही एक चिंता भी सामने आई है। पिछले अनुभव बताते हैं कि तकनीकी या दस्तावेजी समस्याओं के कारण कई पात्र गरीब परिवारों का नाम भी सूची से कट सकता है। ऐसे में जरूरत है कि सरकार इस प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाए ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति राशन से वंचित न रह जाए और योजना का सही लाभ सभी तक पहुंच सके।
