Jharkhand News: प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। विभाग में अतिरिक्त निदेशक और संयुक्त निदेशक स्तर के आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों का तबादला किया गया है। यह तबादले हाल ही में जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के तहत किए गए हैं। इस फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाना बताया जा रहा है। अधिकारियों के स्थानांतरण से कई जोनल कार्यालयों में नई जिम्मेदारियां और नेतृत्व बदलाव देखने को मिलेंगे, जिससे एजेंसी के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।
रांची से रायपुर तक अधिकारियों की नई तैनाती
तबादलों की सूची के अनुसार रांची ईडी के संयुक्त निदेशक अजय लुहाच को रायपुर भेजा गया है। उनकी जगह रायपुर के संयुक्त निदेशक प्रभाकर प्रभात को रांची जोनल कार्यालय का जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा पनाजी के अतिरिक्त निदेशक अवनीश तिवारी को चंडीगढ़ जोनल कार्यालय में तैनात किया गया है। कोच्चि के अतिरिक्त निदेशक राकेश कुमार सुमन को लखनऊ और गुवाहाटी के अतिरिक्त निदेशक मयंक पांडे को मुंबई जोन-1 भेजा गया है। इन तबादलों से कई महत्वपूर्ण जोनल कार्यालयों में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है, जिससे जांच और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में नई रणनीति देखने को मिल सकती है।
मुख्यालय और जोनल स्तर पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं
तबादलों के साथ-साथ कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी दी गई हैं। चेन्नई जोनल कार्यालय के अतिरिक्त निदेशक अभ्युदय ए आनंद को कोच्चि जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं कोलकाता के संयुक्त निदेशक रामाधन डागर को ईडी मुख्यालय में प्रशासन और लेखा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। गुवाहाटी जोनल कार्यालय-1 के संयुक्त निदेशक सत्यमक दत्ता को गुवाहाटी जोनल कार्यालय-2 का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। मुख्यालय में तैनात संयुक्त निदेशक मधुर डी सिंह को गुरुग्राम के साथ-साथ श्रीनगर कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। अजय लुहाच, जो अब रांची से रायपुर स्थानांतरित हुए हैं, उन्हें पनाजी जोनल कार्यालय का अतिरिक्त जिम्मा भी बरकरार रखा गया है।
15 दिनों में तेज कार्रवाई, 40 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल
इस प्रशासनिक बदलाव के बीच ईडी की जांच गतिविधियां भी तेज रफ्तार में जारी हैं। एजेंसी ने मात्र 15 दिनों के भीतर 40 आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ सात अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। ये चार्जशीट 15 मार्च से 31 मार्च के बीच दाखिल की गईं, जो झारखंड में एक वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक मानी जा रही हैं। अब इन सभी मामलों की सुनवाई रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत में होगी। इसके अलावा एजेंसी ने लगभग 12.98 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने के लिए भी विशेष अदालत से अनुमति मांगी है। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि ईडी अपनी जांच और कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ा रही है और बड़े मामलों में सख्ती दिखा रही है।
