Jharkhand: ईरान-इजरायल जैसे वैश्विक तनाव के बीच जहां कई जगहों पर आपूर्ति और मांग पर असर देखा जा रहा है, वहीं मुनाफाखोर इस स्थिति को अवसर में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। झारखंड के औद्योगिक जिले Seraikela Kharsawan में एलपीजी गैस की भारी कालाबाजारी का मामला सामने आया है। आम उपभोक्ताओं और उद्योगों की जरूरत बन चुकी गैस की ब्लैकमार्केटिंग की शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आया और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) एवं IAS अधिकारी Abhinav Prakash ने टीम के साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में दो अलग-अलग स्थानों पर चल रहे अवैध गैस कारोबार का पर्दाफाश हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
केसरी गैस एजेंसी में अनियमितताओं का खुलासा
आदित्यपुर स्थित ‘केसरी गैस सर्विस एजेंसी’ पर छापेमारी के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि 31 मार्च को वितरित किए गए सैकड़ों गैस सिलेंडरों की डिस्ट्रीब्यूशन स्लिप एजेंसी प्रस्तुत नहीं कर सकी। इससे पहले ही एजेंसी के बाहर करीब 200 उपभोक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिनका आरोप था कि ऑनलाइन बुकिंग और DSC नंबर मिलने के बावजूद उन्हें गैस सिलेंडर नहीं दिए गए। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि रात के समय सिलेंडरों से भरा एक ट्रक गायब कर दिया गया और घरेलू गैस को होटल कारोबार में ब्लैक में बेचा गया। प्रशासन ने एजेंसी संचालक को 2–3 दिनों के भीतर सभी रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, अन्यथा लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
झोपड़ी में चल रहा था हाई-टेक अवैध गैस कटिंग कारोबार
दूसरी बड़ी कार्रवाई में टीचर्स ट्रेनिंग मोड़ के पास एक झोपड़ीनुमा दुकान पर छापा मारा गया, जहां से अवैध गैस कटिंग का नेटवर्क संचालित हो रहा था। बाहर से सामान्य दिखने वाली इस झोपड़ी के अंदर 47 किलो के कमर्शियल सिलेंडरों से गैस कटिंग का काम चल रहा था। हैरानी की बात यह थी कि वहां आधुनिक पाइप, इंटरनेट कनेक्शन और सीसीटीवी कैमरे तक लगाए गए थे, जिससे यह एक संगठित और हाई-टेक अवैध कारोबार प्रतीत हुआ। छापेमारी के दौरान संचालक मौके से फरार हो गया और स्थानीय लोगों ने उसकी पहचान बताने से इनकार कर दिया। पुलिस की देरी से पहुंचने पर भी सवाल उठे हैं, जबकि प्रशासन ने साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का सख्त रुख और आगे की कार्रवाई
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अवैध गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाया है। SDO Abhinav Prakash ने अंचल अधिकारी को सरकारी जमीन पर बनी अवैध दुकानों के सीमांकन और उन्हें बुलडोजर से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अवैध शराब और गैस कटिंग जैसे खतरनाक कारोबार पर भी लगातार कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। दूसरी ओर, स्थानीय उपभोक्ताओं ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने मांग की है कि केसरी गैस एजेंसी के पिछले एक सप्ताह के स्टॉक का उच्च स्तरीय ऑडिट कराया जाए, ताकि पूरे सिंडिकेट और कालाबाजारी के नेटवर्क का पूरी तरह से खुलासा हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
