Jharkhand News: राजधानी रांची में एलपीजी गैस सिलेंडरों की अचानक बढ़ी मांग ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर में प्रतिदिन लगभग 20,000 सिलेंडर बुकिंग होती है, जबकि तीनों पेट्रोलियम कंपनियों की कुल आपूर्ति केवल 15,200 सिलेंडरों के करीब है। इस वजह से हजारों उपभोक्ता अपने सिलेंडरों के लिए इंतजार कर रहे हैं। पिछले चार दिनों में अकेले 18,200 से अधिक लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिला। रांची जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कुल उपभोक्ता लगभग 2,00,000 हैं।
आपूर्ति बढ़ाई गई लेकिन मांग कम नहीं हुई
सामान्य परिस्थितियों में रांची जिले को प्रतिदिन लगभग 14,300 सिलेंडर की आपूर्ति होती थी। इसमें इंडियन ऑयल से 10,100, भारत पेट्रोलियम से 2,000 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से 2,200 सिलेंडर शामिल थे। बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनियों ने आपूर्ति बढ़ाई है। इंडियन ऑयल अब लगभग 11,000 सिलेंडर प्रतिदिन भेज रहा है, जबकि भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की आपूर्ति यथावत है। कुल आपूर्ति अब लगभग 15,200 सिलेंडर प्रतिदिन हो गई है, लेकिन यह भी शहर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
ट्रकों की संख्या बढ़ाई गई लेकिन समस्या बनी हुई
अधिकारियों के अनुसार, पहले इंडियन ऑयल के लगभग 32 ट्रक प्रतिदिन रांची आते थे, जो अब बढ़ाकर 36 कर दिए गए हैं। वहीं, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ट्रक भी थोड़े बढ़ाए गए हैं। कुल मिलाकर, रांची में प्रतिदिन 50 गैस वाहन आ रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या लगभग 44 थी। इसके बावजूद आपूर्ति में अंतर है और उपभोक्ताओं की परेशानियां कम नहीं हुई हैं।
उपभोक्ताओं में बढ़ा पैनिक और बुकिंग का दबाव
पेट्रोलियम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शहर में गैस सिलेंडर की बुकिंग लगभग दोगुनी हो गई है। कई उपभोक्ता पहले से ही सिलेंडर बुक कर रहे हैं और कुछ लोग सावधानी के तौर पर स्टॉकिंग भी कर रहे हैं। मध्य पूर्व में ऊर्जा संकट और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों की वजह से जनता में पैनिक बढ़ गया है। इसके कारण “पैनिक बुकिंग” तेजी से बढ़ रही है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में सिलेंडर की आपूर्ति और मांग के बीच का अंतर और बढ़ सकता है, जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
