Jharkhand News: झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि देश में किसी भी प्रकार की ईंधन आपूर्ति की समस्या नहीं है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से पूछिए कि प्रतिदिन कितनी गैस और ईंधन की खपत होती है और कितनी आपूर्ति हो रही है। उनके अनुसार, सरकार के पास सारा डेटा मौजूद है और ऐसे में सड़क पर आंदोलन करने का कोई मतलब नहीं है। मरांडी ने यह भी कहा कि झारखंड में ईंधन की कमी की अफवाह फैलाकर अराजकता पैदा की जा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति में जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
कालाबाजारी रोकना मुख्यमंत्री का कर्तव्य
मरांडी ने कहा कि कालाबाजारी रोकना मुख्यमंत्री का काम है और कई हिस्सों में उनके अपने लोग ही इस गतिविधि में लिप्त हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि एक व्यक्ति के पास से 55 से 56 भरे हुए गैस सिलेंडर बरामद किए गए। उनके अनुसार, यह लोग अराजकता फैलाकर देशवासियों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया कि देश में गैस और ईंधन की कोई कमी नहीं है और जनता को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने सरकार से कहा कि समय रहते इस मुद्दे को हल करना चाहिए और जनता के हित में काम करना चाहिए।
पीएम मोदी का बचाव और विपक्ष पर तंज
मरांडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि वे पूरी तरह सक्रिय हैं और देश की जनता को किसी कठिनाई का सामना नहीं करने देंगे। उन्होंने बताया कि जल डमरू मार्ग से मध्य ईरान से टैंकर रवाना हो चुके हैं और मोदी सरकार लगातार ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि कब क्या बोल रहे हैं। मरांडी ने कहा कि राहुल गांधी विदेश जाकर भारत की छवि खराब करते हैं और कहते हैं कि भारत का लोकतंत्र खतरे में है। उनका मानना है कि कमजोर विपक्ष के कारण ही देश की जनता लगातार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुनती रही है।
झारखंड सरकार पर तीखा हमला
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर सीधे हमला करते हुए कहा कि यह सरकार जानबूझकर समस्याएं पैदा कर रही है। उनके अनुसार, राज्य सरकार को जनता की सेवा में कोई दिलचस्पी नहीं है और उनका केवल कमाई और लूट का लक्ष्य है। मरांडी ने कहा कि इस सरकार की नीतियों से लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं और ऐसे में जनता को सचेत रहकर अपनी आवाज उठानी होगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि ईंधन की कमी की अफवाह फैलाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता में देशभर में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
