Jharkhand News: झारखंड के मनपुर पंचायत के सावनडीह गाँव में एक डिजिटल फसल सर्वे के दौरान सनसनीखेज घटना सामने आई। सर्वेयर तपन मन्ना को ग्रामीणों ने बच्चे के अपहरणकर्ता समझकर घेर लिया। अफवाहों के कारण लगभग 50-60 पुरुष और महिलाएं उन्हें दो से तीन घंटे तक रोके रखी, जब तक उनकी असली पहचान सामने नहीं आई। पहचान होने के बाद ही ग्रामीणों ने उन्हें छोड़ दिया।
अफवाहों ने भड़का दी ग्रामीणों की चेतना
ग्रामीणों ने बताया कि गाँव में बच्चों को उठाने वाले लोगों की अफवाहें तेजी से फैल रही थीं, जिससे उनकी संदेह की भावना जाग उठी। इस स्थिति में लोगों ने सर्वेयर को रोक लिया। घटना की सूचना मनपुर पंचायत की मुखिया तरिणी सेन सरदार, ग्राम प्रधान मंगल मांझी, और किसान मित्र को दी गई। सभी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया कि तपन मन्ना कृषि विभाग द्वारा नियुक्त सर्वेयर हैं और पूरे झारखंड में डिजिटल फसल सर्वे चल रहा है।
सर्वेयर ने की अफवाहों को नजरअंदाज करने की अपील
सर्वेयर तपन मन्ना ने बताया कि उन्होंने पहले ही ग्राम प्रधान सहित लोगों को सर्वे की जानकारी दे दी थी, लेकिन फिर भी उन्हें घेर लिया गया। उन्होंने BTM कौशल झा को इस घटना के बारे में जानकारी दी। कौशल झा ने बताया कि पोटका ब्लॉक में 2,79,000 खेतों पर डिजिटल फसल सर्वे चल रहा है, जो कि उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर किया जा रहा है।
पुलिस ने ग्रामीणों से किया सतर्क रहने का आग्रह
पोटका थाना प्रभारी सनी टोपो ने कहा कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदेह की स्थिति में सीधे पुलिस से संपर्क करें, खुद कोई कार्रवाई न करें। उन्होंने यह भी कहा कि कानून को अपने हाथ में लेना गंभीर परिणाम ला सकता है और प्रशासन एवं पुलिस की भूमिका का सम्मान करना जरूरी है। ग्रामीणों से अपील की गई कि सही जानकारी के बिना किसी पर संदेह न करें और अफवाहों में बहकर गलत कदम न उठाएं।
