Jharkhand भाजपा कार्यकर्ता फरवरी के आखिरी सप्ताह से बंगाल विधानसभा चुनाव में अभियान शुरू करने जा रहे हैं। फरवरी के पहले सप्ताह में झारखंड के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक BJP के बंगाल चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव के साथ हुई थी। इसके अलावा, इस महीने के आखिरी सप्ताह में गृह मंत्री अमित शाह के साथ भाजपा के प्रवासी कार्यकर्ताओं की बैठक होने की भी योजना है। इस बैठक में बंगाल विधानसभा चुनाव के रणनीतिक कार्यक्रम और जिम्मेदारियों का ब्योरा तय किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री और विधायकों का सक्रिय योगदान
बंगाल के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के लिए झारखंड के प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और रघुवर दास ने पहले ही बंगाल भाजपा नेताओं के साथ बैठकें की हैं। इसके अलावा, पूर्व विधायक अनंत ओझा और बिरंची नारायण भी चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं। राज्य की सीमा से सटे जिलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बंगाल के सीमावर्ती विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार के लिए भेजा जाएगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि वहां की जनता तक पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी पहुंचाई जा सके।
बिहार विधानसभा चुनाव मॉडल अपनाने की तैयारी
झारखंड भाजपा कार्यकर्ताओं को पहले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तैयारी के साथ तैनात किया गया था। अब बंगाल विधानसभा चुनाव में भी वही रणनीति अपनाई जाएगी। झारखंड के नेता आयोजनों का आयोजन करेंगे और घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। संगठन महासचिव कर्मवीर सिंह बंगाल यात्रा कर पूरे अभियान का समन्वय करेंगे। राज्य भाजपा महासचिव और राज्यसभा सदस्य प्रदीप वर्मा बंगाल चुनाव के संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
रांची में कंट्रोल रूम और प्रशिक्षण कार्यक्रम की योजना
बंगाल चुनाव के लिए रांची में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इसके जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों में जाने वाले नेताओं के यात्रा कार्यक्रमों की योजना बनाई जाएगी। इसके अलावा, बोकारो और धनबाद की विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े नेताओं के यात्रा कार्यक्रम भी इसी कंट्रोल रूम के माध्यम से तैयार किए जाएंगे। चुनाव से पहले बंगाल भाजपा नेताओं के लिए धनबाद और बोकारो में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस झारखंड नेतृत्व वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम की निगरानी राज्य अध्यक्ष आदित्य साहू करेंगे।

