Jharkhand: जिले में कैंसर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है जो स्वास्थ्य विभाग के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मार्च से दिसंबर के बीच 128 नए कैंसर रोगी सामने आए हैं। यह आंकड़ा उन लोगों को शामिल नहीं करता जो निजी इलाज करा रहे हैं। मुख्य मंत्री की गंभीर रूप से बीमार योजना के तहत सहायता के लिए मरीजों ने सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन भी दिए हैं। विभागीय आंकड़ों में थोड़ी कमी हो सकती है लेकिन इस संख्या का 150 से अधिक होना तय है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य विभाग बल्कि आम जनता के लिए भी गंभीर चेतावनी है। औसतन हर महीने 6 से 7 लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं, यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और बढ़ सकती है।
महीनेवार आंकड़ों को देखें तो मार्च में 10, अप्रैल में 12, मई में 13, जून में 14, जुलाई में 15, अगस्त में 12, सितंबर में 14, अक्टूबर में 13, नवंबर में 13 और दिसंबर में 12 गंभीर बीमारियों के मरीजों ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना का लाभ उठाया। हर महीने केस की संख्या एक अंकों में नहीं आई, जो इस बीमारी की निरंतर बढ़ती चुनौती को दर्शाता है। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि जिले में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे हालात में जनता को जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है ताकि बीमारी की शुरुआती पहचान और सही समय पर उपचार हो सके।
डॉक्टरों का कहना है कि असंतुलित जीवनशैली, बदलती खाने की आदतें, तंबाकू और गुटखा जैसी लत का बढ़ता प्रचलन, शारीरिक सक्रियता की कमी और पर्यावरण प्रदूषण कैंसर के बढ़ने के मुख्य कारण हैं। इसके साथ ही लोगों की नींद पूरी न होना, देर रात तक जागना, फास्ट फूड में अजीनोमोटो का ज्यादा इस्तेमाल, प्लास्टिक के कप में चाय पीना और बाहर का खाना खाना भी जोखिम बढ़ाते हैं। समय पर जांच न कराना और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना इस बीमारी को और जटिल बना देता है। अधिकतर मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब बीमारी अपने गंभीर चरण में होती है, जिससे इलाज महंगा और कठिन हो जाता है। चतरा के सामान्य चिकित्सक डॉ. अरविंद केसरी ने इस पर चिंता जताई है और लोगों से जागरूक रहने की अपील की है।
अगर लगातार खांसी बनी रहे या आवाज में खराश हो, बिना कारण वजन तेजी से घटे, शरीर के किसी भाग में गांठ या सूजन हो, बिना वजह खून आना शुरू हो जाए या बार-बार अत्यधिक थकान महसूस हो तो इसे गंभीरता से लें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और शराब जैसी लतें पूरी तरह छोड़ दें। खाने में फास्ट फूड और अजीनोमोटो से बचें, प्लास्टिक के कप में गर्म चाय पीने से परहेज करें। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या योग करें और अपनी नींद का सही ध्यान रखें। 40 वर्ष की उम्र के बाद हर साल कम से कम एक बार पूर्ण शारीरिक जांच कराएं ताकि बीमारी को जल्दी पकड़ा जा सके। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचा जा सकता है।

