Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा इलाके में दो जनवरी को चार और पांच साल के दो मासूम भाई-बहन लापता हो गए। दोनों बच्चे घर के पास की किराने की दुकान पर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। इस घटना के विरोध में रविवार को स्थानीय लोगों ने 12 घंटे का बंद किया, जिससे क्षेत्र का आम जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। बंद का आह्वान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रदेश महासचिव कैलाश यादव की अगुवाई में गठित समिति ने किया था। प्रदर्शनकारियों ने मोसिबारी और धुर्वा गोल चक्कर पर टायर जलाकर सड़कें बंद कर दीं, जबकि आसपास के बाजार भी बंद रहे। स्थानीय लोग बच्चों के जल्द वापस लौटने की मांग कर रहे हैं और पुलिस से प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
पुलिस ने बच्चों को खोजने के लिए 40 सदस्यों वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक प्रमोद मिश्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों का पता लगाने के लिए कई टीमें 24 घंटे विभिन्न स्थानों पर जांच कर रही हैं। पुलिस की तकनीकी टीम ने 800 जीबी से अधिक CCTV फुटेज इकट्ठा किया है, जिसका गहराई से विश्लेषण किया जा रहा है। मिश्रा ने यह भी बताया कि पुलिस ने न केवल झारखंड बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी बच्चों के पोस्टर वितरित कराए हैं। उन्होंने बताया कि घटना दोपहर को हुई थी, लेकिन औपचारिक शिकायत रात करीब 9 बजे दर्ज हुई, जिससे शुरुआती घंटों में कार्रवाई में देरी हुई।
आरजेडी के प्रदेश महासचिव कैलाश यादव ने पुलिस पर बच्चों की खोज में नाकामी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि माता-पिता निराश हैं और अभी तक अपने बच्चों को पाने में विफल रहे हैं। यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए बताया कि पुलिस ने उन्हें रविवार को उनके घर से उठाकर करीब छह घंटे तक हिरासत में रखा। उन्होंने इस कदम की कड़ी निंदा की और कहा कि प्रशासन के साथ सहयोग के बावजूद पुलिस का यह रवैया जनता के गुस्से को बढ़ाएगा। इस बीच, पुलिस उपाधीक्षक प्रमोद मिश्रा खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए और प्रदर्शनकारियों को बच्चों की तलाश तेज करने और दायरे को बढ़ाने का आश्वासन दिया।
इस घटना के बाद शनिवार को भाजपा सांसद आदित्य साहू ने बच्चों के माता-पिता से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया। सांसद साहू ने कहा कि यह घटना रांची के बिल्कुल बीचोंबीच हुई है, जो कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस लापरवाही और प्रशासनिक विफलता के खिलाफ सड़कों से लेकर विधानसभा तक हर स्तर पर संघर्ष करेगी। सांसद साहू ने जनता से भी अपील की कि वे इस मामले में संयम बनाए रखें और पुलिस प्रशासन को सहयोग करें ताकि बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित पाया जा सके। इस पूरे मामले ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

