Jharkhand में जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना जाएगा। इसके लिए पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता जुयल ओरम को इस जिम्मेदारी के लिए राज्य का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। चुनाव 20 जनवरी से पहले संपन्न कराने की तैयारी है। यह चुनाव राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले आयोजित होगा। भाजपा ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि “केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जुयल ओरम को झारखंड में प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है।”
जानकारी के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव 14 जनवरी को हो सकता है। पार्टी में चर्चा है कि वर्तमान कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू को प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है। आदित्य साहू राजनीति में आने से पहले एक प्रोफेसर रह चुके हैं और राज्य स्तर पर उनकी एक मजबूत पहचान है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच आदित्य साहू का नाम इस पद के लिए सबसे प्रमुख माना जा रहा है। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता रघुवर दास, अर्जुन मुंडा और प्रदीप वर्मा के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं।
Union Cabinet Minister Shri @jualoram has been appointed as the State Election Officer for Jharkhand for the election of State Presidents and National Council Members. pic.twitter.com/VkBudNBvpD
— BJP (@BJP4India) January 10, 2026
झारखंड भाजपा में प्रदेश नेतृत्व को लेकर लंबे समय से अनिर्णय की स्थिति बनी हुई थी। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं। भाजपा के “एक व्यक्ति, एक पद” के सिद्धांत के कारण उन्हें प्रदेश अध्यक्ष का पद नहीं दिया जा सकता। इसलिए पार्टी को मरांडी की जगह नया प्रदेश अध्यक्ष चुनना जरूरी था। इससे पहले, भाजपा ने रवींद्र राय को कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष बनाया था, लेकिन बाद में अक्टूबर 2025 में राजयसभा सांसद आदित्य साहू को यह जिम्मेदारी दी गई।
इस बार प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए आदित्य साहू का नाम सबसे अधिक चर्चा में है क्योंकि उन्होंने राज्य राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत की है। उनके अलावा रघुवर दास का भी नाम इस पद के लिए सुना जा रहा है, जिन्होंने अपने कार्यकाल के बीच में ही राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा नेतृत्व इस चुनाव को लेकर गहन रणनीति बना रहा है ताकि पार्टी को आगामी चुनावों में मजबूती मिल सके। झारखंड में भाजपा के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं और पार्टी को एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत है जो स्थानीय मुद्दों को बेहतर ढंग से संभाल सके।
यह चुनाव झारखंड भाजपा के लिए नए सिरे से ऊर्जा और दिशा तय करेगा और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने में मदद करेगा। नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद पार्टी की आगामी रणनीतियों और चुनावी तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि झारखंड में भाजपा की लोकप्रियता और प्रभाव को और बढ़ाया जा सके।

