Jamshedpur News: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को झारखंड के “आयरन सिटी” कहे जाने वाले जमशेदपुर के करनडीह पहुंचीं। यहां उन्होंने सबसे पहले जाहेरथान में विधिवत पूजा-अर्चना की और आदिवासी समाज के महान चिंतक व ओल चिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी उनके साथ उपस्थित रहे। राष्ट्रपति का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, जिसमें आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की झलक साफ दिखाई दी। राष्ट्रपति का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का एक भावनात्मक क्षण भी बना।
जाहेरथान में पूजा के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जाहेरथान समिति और ऑल इंडिया राइटर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित ओल चिकी लिपि के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने ओल चिकी लिपि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने पंडित रघुनाथ मुर्मू के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ओल चिकी लिपि ने संथाली भाषा और संस्कृति को नई पहचान दी है। खास बात यह रही कि राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह को संथाली भाषा में संबोधित किया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
आज 29 दिसम्बर 25 को जमशेदपुर के करनडीह में आयोजित 'ओल चिकी' लिपि के शताब्दी समारोह कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू @rashtrapatibhvn ने संताली में अपने संबोधन के दौरान 'जाहेर आयो'(जाहेर माता) गीत भी गया।@MIB_Hindi @MIB_India @PIB_India @PIBHindi pic.twitter.com/DLtGsetcWH
— PIB in Jharkhand 🇮🇳 (@RanchiPIB) December 29, 2025
करनडीह में आयोजित ओल चिकी लिपि शताब्दी समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संथाली भाषा में संबोधन देते हुए ‘जाहेर आयो’ यानी जाहेर माता का गीत भी गाया। राष्ट्रपति को अपनी मातृभाषा में गीत गाते देख वहां मौजूद हजारों साहित्यप्रेमी और संथाली समाज के लोग भावुक हो उठे। इस अवसर पर राज्यपाल संतोष गंगवार ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, कला और पहचान का जीवंत उत्सव है। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी संथाली भाषा में राष्ट्रपति का स्वागत किया और पंडित रघुनाथ मुर्मू के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि उनके योगदान के बिना संथाली भाषा का यह गौरव संभव नहीं था।
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित एनआईटी जमशेदपुर में आयोजित 15वें दीक्षांत समारोह में भी शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा, तकनीक और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कार्यक्रम स्थल और संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी, सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग, चेक पोस्ट और एंटी-सैबोटाज टीमों की तैनाती की गई थी। राष्ट्रपति का यह दौरा झारखंड के लिए सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

