Jharkhand के गिरिडीह जिले से एक भयावह घटना सामने आई है जो राज्य में अपराधियों और बदमाशों की बढ़ती हिम्मत को उजागर करती है। यहाँ की एक महिला जो फास्ट फूड की दुकान चलाती हैं को उत्पीड़न और अभद्र हरकतों का विरोध करने के कारण भारी कीमत चुकानी पड़ी। दो युवक दुकान में आते हैं और उसे गालियाँ देने व अभद्र इशारे करने लगते हैं। विरोध करने पर उन्होंने महिला पर उबलते तेल से भरा पैन डाल दिया। महिला गंभीर रूप से झुलस गई। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
यह घटना लेड़ा पंचायत मुफ़स्सिल थाना क्षेत्र में हुई। खबर फैलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पीड़िता के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर ली। जानकारी के अनुसार महिला का पति विकलांग है और परिवार का पालन-पोषण करने के लिए महिला अपनी फास्ट फूड की दुकान चलाती है। इसमें समोसे पकोड़े और अन्य स्नैक्स तैयार किए जाते हैं। घटना की रात दो युवक दुकान में आए और गर्म समोसे-पकोड़े मंगाए। महिला के अकेले होने का फायदा उठाकर उन्होंने उसे छेड़ना और अभद्र हरकतें करना शुरू कर दिया। जब महिला ने विरोध किया और मदद के लिए चिल्लाई तो दोनों आरोपियों ने पैन उठाकर उस पर गर्म तेल डाल दिया और फरार हो गए।
पुलिस ने इस मामले में उदय चौधरी नामक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरे फरार आरोपी की तलाश जारी है। घटना ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। झारखंड भाजपा ने अपने सोशल मीडिया पेज पर सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा अबुआ सरकार या अपराधियों की अदालत? गिरिडीह में एक महिला को तेल डालकर झुलसाया गया जबकि सरकार खामोश रही। कानून की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है और अपराधी बेखौफ हो गए हैं।
भाजपा ने आगे लिखा क्या यही अबुआ राज है जहां बेटियाँ सुरक्षित नहीं और सड़कों पर बदमाशों का बोलबाला है? प्रशासन पूरी तरह बेखौफ है। अपराधी पुलिस और कानून दोनों से डरते नहीं। वे जानते हैं कि वे किसी भी अपराध को अंजाम देकर बच सकते हैं। यह केवल अपराध नहीं बल्कि राज्य सरकार की विफलता का प्रमाण है। जब रक्षक चुप रहते हैं तो शिकारी बेधड़क हो जाते हैं। इस घटना ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

