Jharkhand News : झारखंड प्रदेश कांग्रेस इन दिनों लगातार बढ़ती अंदरूनी लड़ाई से परेशान है। वरिष्ठ नेताओं के बीच बयानबाज़ी और तंज ने संगठन की एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह विवाद खुलकर सामने आ रहे हैं।
सदन में टकराव और बढ़ी मुश्किलें
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और मंत्री डॉ. इरफान अंसारी तथा दीपिका पांडे सिंह के बीच सवाल-जवाब को लेकर विवाद हो गया। इससे पार्टी असहज स्थिति में आ गई और विपक्ष ने भी कांग्रेस की कमजोरी को भुनाने की कोशिश की।

वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता शुरू
स्थिति को संभालने के लिए झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सक्रिय हुए हैं। कई नेताओं ने समन्वय बनाए रखने की कोशिश में सभी पक्षों से बात की है। हालांकि प्रयासों के बावजूद विवाद जल्द शांत नहीं हुआ, जिसके चलते अब केंद्रीय नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है।
दिल्ली में हो सकती है बैठक
पार्टी हाईकमान जल्द ही झारखंड कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को दिल्ली बुला सकता है। केंद्रीय नेतृत्व सभी नेताओं की बातें सुनकर मतभेद दूर करने की कोशिश करेगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि आंतरिक विवादों को सार्वजनिक न किया जाए और समाधान पार्टी मंच पर ही निकाला जाए।
चुनाव वर्ष से पहले बड़ी चुनौती
कांग्रेस पहले ही झारखंड में गठबंधन राजनीति पर निर्भर है। Jharkhand News ऐसे में बढ़ती कलह पार्टी की स्थिति को और कमजोर कर सकती है। अगर विवाद जल्द नहीं सुलझा तो आगामी चुनावों में इसका नकारात्मक असर दिख सकता है। अब सबकी निगाहें हाईकमान पर हैं कि वह पार्टी में एकता बहाल कर पाता है या नहीं

