Jharkhand News: रांची से बड़ी खबर है कि रिम्स के अधीन कार्यरत सह-प्राध्यापकों के लंबे समय से रुके पदोन्नति की प्रक्रिया आखिरकार आगे बढ़ गई है। राज्य कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए रिम्स के सरकारी सह-प्राध्यापकों को 01 जुलाई 2019 से प्रभावी प्रोन्नति प्रदान करने की मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत कुल 16 सह-प्राध्यापकों को प्राध्यापक यानी प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया जाएगा। इस निर्णय से इन डॉक्टरों को न केवल पदोन्नति का लाभ मिलेगा बल्कि उनका कैरियर ग्रोथ भी सुनिश्चित होगा।
सात साल से रुकी प्रक्रिया को मिली मंजूरी
करीब सात वर्षों से लंबित यह पदोन्नति प्रक्रिया अब मंजूरी मिलने के बाद रिम्स के डॉक्टरों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह प्रोन्नति उनके करियर के लिए बेहद आवश्यक मानी जा रही थी। साथ ही यह उन्हें वरिष्ठता और सम्मान भी प्रदान करेगी। डॉक्टरों का मानना है कि यह प्रोन्नति न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए जरूरी थी बल्कि इससे संस्थान की शैक्षणिक मजबूती भी बढ़ेगी। लंबे समय से रुकी इस प्रक्रिया का फिर से शुरू होना मेडिकल शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद जगाता है।

सरकार के फैसले का डॉक्टरों ने किया स्वागत
प्रोन्नति की इस लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डॉ. प्रभात कुमार ने राज्य कैबिनेट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देर से सही लेकिन बेहद सकारात्मक और अहम है। इस फैसले से रिम्स के डॉक्टरों का मनोबल बढ़ेगा और संस्थान की अकादमिक स्थिति मजबूत होगी। डॉ. प्रभात ने विभागीय मंत्री, स्वास्थ्य सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों का आभार जताया और उम्मीद व्यक्त की कि अब प्रोन्नति से जुड़ी बाकी औपचारिकताएं जल्द पूरी हो जाएंगी।
प्रोफेसर पद पर पदोन्नति से शिक्षा और शोध में सुधार
डॉक्टरों का मानना है कि प्राध्यापक पद पर पदोन्नति मिलने से रिम्स में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। वरिष्ठ विशेषज्ञों की बढ़ती संख्या से शिक्षण और प्रशिक्षण के स्तर में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही शोध गतिविधियों में तेजी आएगी जिससे चिकित्सा विज्ञान को और प्रगति मिलेगी। अनुभवी डॉक्टरों के मार्गदर्शन में नए छात्रों और प्रशिक्षुओं को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। इस तरह से यह फैसला न केवल डॉक्टरों बल्कि पूरे चिकित्सा संस्थान के लिए लाभकारी साबित होगा।
रिम्स के अकादमिक विकास की दिशा में अहम कदम
कुल मिलाकर इस फैसले को रिम्स के अकादमिक ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल मेडिकल शिक्षा का स्तर सुधरेगा बल्कि मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवाओं में भी सुधार होगा। वरिष्ठ और अनुभवी डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से विभागों की कार्यक्षमता बेहतर होगी और अस्पताल की प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी। इस पदोन्नति से रिम्स को एक नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी जो भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सहायक होगी।

