झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि राज्य में ग्रैंड अलायंस सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है। राज्य के गठन के बाद यह सबसे बड़ा भर्ती अभियान है जिसने लाखों परिवारों में नई उम्मीद जगाई है। यह पूरी तरह से सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रबल प्रमाण है। युवाओं को रोजगार देने की यह प्रक्रिया भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी।
एक साथ हजारों युवाओं को मिली नौकरी
राज्य सरकार ने मोराबादी मैदान, रांची में एक भव्य समारोह के दौरान 8,792 नव नियुक्त उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके को सरकार के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में मनाया गया। यह न केवल ऐतिहासिक क्षण था, बल्कि झारखंड की युवा पीढ़ी के सपनों को भी पंख प्रदान किया। डॉ. अंसारी ने बताया कि इस वर्ष अब तक 16,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है, जबकि 8,000 युवाओं को गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार मिला है। इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।

गरीब बेटियों के लिए ‘मइया सम्मान’ योजना की क्रांति
डॉ. अंसारी ने बताया कि झारखंड की कई गरीब बेटियों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने ‘मइया सम्मान’ योजना के तहत अर्जित पैसों से पढ़ाई की और आज वे जेपीएससी पास कर सफलता प्राप्त कर रही हैं। यह योजना गरीब और पिछड़े वर्ग की बेटियों को सशक्त बनाने और उनका भविष्य सुरक्षित करने की क्रांतिकारी पहल साबित हुई है। इससे बेटियों को शिक्षा और रोजगार के रास्ते खुल रहे हैं, जो सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बढ़ रही गति
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए आज 22 डेंटल डॉक्टरों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार होगा। यह कदम सरकार की जनता के स्वास्थ्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है और स्वास्थ्य सेवा के स्तर को बेहतर बनाने में सहायक होगा।
विपक्ष को काम की राजनीति से सीख लेनी चाहिए
डॉ. इरफान अंसारी ने विपक्षी दलों को भी सलाह दी कि वे काम की राजनीति से सीखें। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक भर्ती प्रक्रिया यह साफ दिखाती है कि काम से बड़ी कोई राजनीति नहीं होती। भाजपा को चाहिए कि वह निरंतर नकारात्मक राजनीति छोड़कर युवाओं के रोजगार, शिक्षा, विकास और जनभावना को समझते हुए रचनात्मक रवैया अपनाए। निरंतर नकारात्मक राजनीति किसी भी पार्टी को मजबूत नहीं करती। भाजपा को इस नियुक्ति प्रक्रिया से सीख लेकर सकारात्मक राजनीति की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। इस विशेष मौके पर झारखंड के युवाओं और जनता के आशीर्वाद से राज्य सरकार की उम्मीदें और भी प्रबल हो गई हैं।

